वो अंजाना चेहरा -2

अब कविता का समय फेसबुक पर बिताने लगा ,कविता को गाने का काफी शोक था ,पर एस एम एस करने का बिलकुल नहीं शायद ये भी एक कारण था  के उसके एम.बी .ए  में दोस्त कम होने का ,

कविता  ने फेसबुक पर अपने सभी दोस्तों को जोड़ लिया था 

एक दिन उसके पास एक फ्रेंड request  आई नाम था अमित  कश्यप  

उसने उसे जोड़ लिया  ,वैसे कविता नए लोगो से दोस्ती नहीं करती थी जल्दी पर पता नहीं क्यों इस अमित की प्रोफाइल को पढ़कर उसे अच्छा लगा और उसने सोचा चलो जोड़ लेते हैं अगर कोई गड़बड़ हुई तो हटा देंगे .

 

उसकी जब बात हुई अमित से तो पता पड़ा वो दिल्ली में रहता हैं  और आर्किटेक्ट हैं ,बस अभी जॉब में लगा हैं .

धीरे धीरे कविता को उससे बात करना अच्छा लगाने लगा था क्योंकि वो काफी आशावादी था ,उसने अमित को बताया के उसके दोस्त उसे नकचड़ी समझते हैं .अमित ने उसे समझाया के वो बस अच्छा सोचे और दोस्तों से घुले मिले  दोस्ती अपने आप हो जाएगी ,अमित की टिप्स कविता के काम आई और उसके बहुत से दोस्त बन गए थे कॉलेज में ,अमित एक अच्छा लेखक था और शायरी काफी अच्छी लिखता था  और कविता उसकी हर शायरी को अपनी डाइरी में लिख लेती थी .

 

कॉलेज में function  होने वाले थे ,कविता ने सोचा वो गाना गाएगी और वो गाने की तेयारी में लग गई ,गाने की प्रतियोगिता से ठीक एक रात पहले उसके गले में कोई परेशानी हो गई ,उसकी आवाज़ बहुत धीमी आ रही थी औ जो गाना उसने सोचा था उसके लिए उसे थोड़ी जोरदार आवाज़ चाहिए थी ,वो काफी परेशां हो गई…उसकी आँखों में आंसू आ गए ,तभी उसे अमित का ख्याल आया उसने कंप्यूटर चालू करा और जैसे ही फेसबुक पर गई तो देखा अमित ऑनलाइन नहीं था वो और परेशान हो गई उसे लगा अब वो गाना नहीं गा पायेगी और वो जोर जोर से रोने लगी .

 

तभी उसे ध्यान आया के अमित कल ही उसे समझा रहा था के कैसे मुश्किलों का सामना करना चाहिए उसने पुराने मेसेज को खोला फेसबुक पर और उसे पढ़ा उसमे अमित ने कहा था “मुश्किलों से डर कर नहीं भागना चाहिए बल्कि मुश्किलों का डट कर सामना करना चाहिए वो आपको सफलता का एक और रास्ता बताती हैं “

कविता ने इस बात को सोचा और खुद से कहा “मैं कल गाना गाऊँगी और जीत कर घर आउंगी “.

कविता अब काफी खुश थी उसने दवाई ली और खुद से कहा के “मैं सुबह तक ठीक हो जाउंगी “

जब कविता सुबह उठी उसकी माँ ने आवाज़ लगाई”कविता उठ जा आज तेरी गाने की प्रतियोगिता हैं ना”

कविता ने जोर से आवाज़ लगाई “हा उठ रही  हूँ माँ ,मेरा गला थोडा ख़राब हैं काली मिर्च की चाय बना दो “

तभी उसकी माँ उसके कमरे में आई और कहा “कविता तुने इतनी जोर से चिल्लाया के पडोसी को भी सुनाई दे गया और तू कह रही हैं तेरा गला ख़राब हैं ” कविता ने सुना और कहा “सच माँ ” वो बहुत खुश हो गई और माँ के साथ डांस करने लगी .

कविता जब कॉलेज पहुची उसका आत्मविश्वास सातवे आसमान पर था और उसे भरोसा था के वही ये प्रतियोगिता जीतेगी ,और जब उसने गाना गाना शुरू करा जो जहा था बस वही रुक गया और जैसे ही गाना ख़त्म हुआ तालियों से सारा हाल गूंज रहा था और सभी छात्र once more  की आवाज़ लगा रहे थे ,

कविता ने ये प्रतियोगिता जीत ली और वो मन ही मन अमित का शुक्रिया अदा कर रही थी .

singing competition

रात को जब अमित ऑनलाइन मिला तो उसने अमित को सारी कहानी बताई ,अमित ने उसे बधाई दी और अपना मोबाइल नंबर भी दिया ,कविता ने भी उसे अपना मोबाइल नंबर दिया .

दोनों की बातें अब काफी बढ़ गई और कविता ने आजकल बहुत देर तक उससे फ़ोन पर बातें करने लगी ,शायद दोनों के बीच कुछ चल रहा हैं .कविता को लगा उसे अमित से प्यार हो गया हैं पर कैसे कहे जबकि वो उससे आजतक मिली भी नहीं हैं .

 

क्या कविता अंजान से दोस्त से प्यार का इजहार कर पायेगी  और कविता कब मिल पायेगी अपने इस दोस्त से.

जानने के लिए पढ़िए अगला भाग.

5 thoughts on “वो अंजाना चेहरा -2

  1. टिप्पणी देकर प्रोत्साहित करने के लिए बहुत बहुत शुक्रिया!
    मैं जैसे जैसे कहानी पढ़ती गयी उसमें डूब गयी! बहुत ही दिलचस्प कहानी है! अगली कड़ी का इंतज़ार है!

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