बदलता समय

पहले और अब के ज़माने मे ,
आ गया हैं अन्तर बहुत ,

पहले थे दिन बड़े ,
अब बड़ी होती हैं राते।

पहले मिलते थे तो कहते थे कैसे हैं आप ,
आजकल पूछते हैं कहाँ हो जनाब।

सुबह ६ बजे होती थी पहले सबसे राम राम ,
अब तो ६ बजे शुरू होता हैं आराम।

सच्चे मन से सुख दुःख में साथ देने वाले इंसान थे पहले ,
अब तो बन गए हैं सब proffesionalism के चेले ।

पहले नही थे जागरूक लोग इतने प्यारे ,
अब तो youngistan के जवान है कई सारे

पहले थी अन्धविश्वास की बीमारी ,
अब विशवास को मानती हैं जनता सारी ।

नही थी लड़कियों को इतनी आज़ादी पहले ,
अब तो लड़कियों ने सँभाल ली हैं देश को चलाने की जिम्मेदारी ।

पहले और अब में कई परिवर्तन आए हैं
कई अच्छे तो कई बुरे आए हैं ।

पहले के अनुभव और आज के जोश के साथ बढ़ना होगा हमें आगे ,
तभी हम बनेंगे इस दुनिया के सरताज प्यारे ।
(चिराग )

10 thoughts on “बदलता समय

  1. पहले मिलते थे तो कहते थे कैसे हैं आप ,
    आजकल पूछते हैं कहाँ हो जनाब।

    बहुत खूब…बहुत प्यारी रचना…हकीकत बयां करती..आज के समय के अनुरूप
    आपका ब्लॉग फॉले कर रही हूं…ताकि भावमयी रचना पढ़ने को मिले…

  2. पहले मिलते थे तो कहते थे कैसे हैं आप ,
    आजकल पूछते हैं कहाँ हो जनाब।

    बहुत खूब …..
    क्योंकि जनाब रात भर गायब रहते हैं……
    तो पूछना तो पड़ेगा ही न ….

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