3 thoughts on “शायरी -1

  1. चिराग जी आपने यह रचना बेहद उम्दा व रोचक ढंग से लिखी है……आपको बधाई….आपने इस रचना में प्यार व आज के समाज का वर्णन अप्रतिम तरीके से किया है….ऐसी ही एक रचना प्यार का बंधन आप शब्दनगरी पर भी पढ़ सकतें हैं व अपनी लेखनी कि इस मंच पर बयाँ कर सकतें हैं…..

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