तिरभिन्नाट पोहा-सख्त लौंडा

रितिक – “ भिया राम , और का थे इत्ते दिन से दिख नी रिये थे “ । पप्पू भिया- “ अरे रितिक यार क्या बताउ अपन यार दिल्ली चले गे थे “। रितिक- “ भिया वा क्या करने गे थे “। इतने मे उमेश का आना हुआ –“ भियाओ…जय श्री महाकाल , और कई अतरा दिन थे का था तम दिखिया कोणी ?मने तमारे भोत ढूंढ्यो दादा ?तम मानोगा नी महाकाल मंदिर के बाहर मने रोज़ चक्कर काट्या ने अणी चक्करा मे जूता भी पडी गिया “। पप्पू भिया-  “ अबे गेलिये तू म्हारे महाकाल मंदिर के बाहर काय वास्ते ढूंढी रियो थो “। रितिक- “अरे भिया वो तुम कांड कर गये थे नी इंदौर मे ,राजबाडा परवो एक ने जब जीरावन कम डाला पोहे मे तो तुमने उसको भोत मारा था । फिर वो टी.आई तुमको कब से ढूंढ रे थे नी ।“ उमेश- “ हा भिया अणी वास्ते म्हारे लागियो के तम जो है नी कबार वी भिखारी बैठे नी महाकाल के बाहर वा बैठिया होयगा ने तमारे देखवा के चक्कर मे मणे कई एक भिखारी को कटोरो छिन लियो ने फिर जो म्हारी धुलाई की नी भिया कई बताओ तम्हारे । म्हारे तो लाग्यो के ई सब पुलिस वाला ओन के कोई मिल्यो कोणी मारवा वास्ते तब हीच म्हारे उडाई दियो “। ये सब सुनने के बाद पप्पू भिया का दिमाग गरमा गिया ने उनने दोई छोरा ओन के लगाये थप्प्ड ,दे थप्प्ड ,दे थप्प्ड । पप्पू भिया- “ अरे तुम दोनो भी है नी भाग मत खाया करो सुबह सुबह । अपन तो क्या है छोटे दिल्ली इसलिये गये के यार यहा क्या वो पिछ्ली  फरवरी मे कई अपने को नी-नी करके 1000 तो प्रोप्रोज़ आये “। रितिक-“भिया प्रोप्रोज नी यार प्रप्रोज होता है “।
पप्पू भिया-“हा रे वहीच
,तो क्या छोटे तेरे को याद है नी – नी करके 200-300 का जवाब तो लिखा अपन ने पर अब सबको थोडे ना लिख सकते है । फिर अपन क्या यार नरम दिल इंसान है । इसिलिये अपन जो है जाकिर भाई के पास गये थे “। उमेश- “ दादा ,जाकिर ऊ तबलो बजावे ऊ दादा “। पप्पू भिया – “ नी रे ऊ नी यार , यो है नी अपने मालवा ,ने अपने इंदौर का लौंडा है “। रितिक- “ तो भिया के कोई बाबा वगेरह है क्या” । पप्पू  भिया –“ नी यार वो नी रे , ये क्या छोटे सख्त लौंडा है “। उमेश- “सख्त भिया मने था बनिया है कई ई दादा “। पप्पू भिया – “ अबे गेलिये ,ये भिया जो है नी छोरियो के सामने पिघलते नी है भिया ने इसकी ट्रेनिंग देते है वा दिल्ली मे “। रितिक-“ वा भिया ,तुम तो गजब निकले तो मतलब अब शादी नी करोगे तुम , चलो बढिया अब तुम वो जिसको रोज़ टावर पर मद्रासी डोसा खिलाते थे उसको अपन घुमा ले आज “। पप्पू भिया- “ अबे तू खायेगा रे , सख्त लौंडा मने के अब जो है अपने को रिझाना आसान नी है “। उमेश- “ चलो भिया शाम को देखांगा मेला मे चलांगा ने करांगा त्म्हारा टेस्ट ने पतो लग जायेगो के तम पिघलोगा के नी “। पप्पू भिया- “ हओ रे देख लेना” ।

शाम को तीनो मेले मे पहुचते है । रितिक- “ भिया उधर देखो ये तो वही है नी जिसे तुमने रामघाट पर प्रपोज किया था ने फिर इसके भाईयो ने तुमको नृसिह घाट पर धोया था “। पप्पू  भिया –“  हओ रे अपने को कई फर्क नी पडता यार ,ऐसी भोत आती है और फिर अपन ने तो क्या प्यार के चक्कर मे मार खाली ने फिर उस दिन रक्षाबंधन भी था । कई अपन मार देते तो वो अपने को राखी बांध देती ना “। उमेश- “पप्पू भिया,वो देखो कतरो बडो झूलो “। पप्पू भिया – “ हा दिख रिया है रे गेलिये” । उमेश- “ पप्पू भिया ,तम है नी अणे झुला थे भी बडी-बडी फेको” । पप्पू भिया ने फिर लगाये दो थप्पड उमेश को । रितिक-  “उमेश यार एक काम करते है फोटू खिचवाते है मेले मे “। तीनो फोटो स्टूडियो पहुचे वहा उमेश और रितिक दोनो अलग अलग हिरोइन के पूतले के साथ फोटो खिचवा रहे थे । उमेश-“भिया आओ नी तम भी खिचवा लो एक आध फोटू “। रितिक-“अबे उमेश पप्पू भिया सख्त लौंडे है वो नी पिघलेंगे “। तभी उमेश की नज़र ऐश्वर्या के पुतले पर पडी और वो झट से उसे ले आया और फोटो खिचने के लिये केने लगा । पप्पू भिया ये सब देख रे थे कुछ देर तो रुके ने फिर जाकर उन दोनो से बोले –“ देखो रे लौंडो वैसे तो अपन है तो सख्त लौंडे पर या अपण पिघली गिया यार । चलो तम साईड मे वी जाओ ने अपन को फोटो खिचवा ने दो ऐशवर्या जी के साथ “।

उमेश और रितिक पप्पू भिया को देखकर मन ही मन हस रहे थे ।

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तिरभिन्नाट पोहा-इसके बिना जिंदगी खत्म भिया


तिरभिन्नाट पोहा-पप्पू भिया का लैपटाप

तिरभिन्नाट पोहा- इंडिया व्र्सेज आस्ट्रेलिया

 “यार उमेश बोत दिन हुये ये पप्पू भिया नी दिख रे है “ –रितिक ने कहा । “ हा यार मैं भी काम के चक्कर मे उधर जा नी पा रिया हू ने फिर शाम को पानी आ जाता है नी तो फिर अपन कहा पप्पू भिया को ढूढो “ –उमेश ने कहा । रितिक –“ क्यो रे गेलिये पानी का पप्पू भिया से क्या लेना देना “ । उमेश-“ अरे यार पिछले साल बारिश गिरे ने के पप्पू भिया का फोन आये , ने फिर मेरे से के चल चले अड्डे पे “। रितिक –“ अबे तो दारू हीच तो पीने का के रिये थे कौन सा तेरे को तीर्थ करवा रिये थे “। उमेश-“  अबे नी यार , तू समझियो कौणी , पप्पू भिया शुरु के 2-4 पैक तो ऐसे पीये जैसे कोई मैजिक सिगनल खुलते ही दौडे ,ने फिर उने चढ जाये ने फेर अपणा नी पीन दे, बार –बार दे लप्पड- दे लप्पड ने के दारू पीना बूरी बात है “। रितिक ने दूर से पप्पू भिया को आते देखा और कहा –“अरे नी यार अपने पप्पू भिया ऐसे नी है वो तो सज्जन आदमी है , पीयो और पीने दो मे विसवास रखते है रे “। पप्पू भिया उमेश के पीछे आकर खडे हुये और रितिक को चुप रेने का इशारा किया । उमेश –“अबे गेलिये तेरे को सज्जन दिखते है , तू और पप्पू भिया दोनो ही सर्किट हो “। ये कहते हुये उमेश पलटा और पप्पू भिया को देख के जो उसकी आवाज़ अब तक न्यूज़ रिपोर्टर की तरह फर्राटे से चल री थी वो एक नर्वस इंटरविव देने वाले सरीकी हो गई । उमेश-“  अरे भिया मैं तो के रिया था के पप्पू भिया हमारी बिमारी , हमारा दर्द अपने पास रख लेते है , जैसे भगवान भोलेनाथ ने विष पिया था वैसे ही ये हमे बचाने के लिये दारू पी लेते है “। पप्पू भिया ने ये सुनते ही दो लप्पड उमेश को लगाये और कहा –“ गेलिये भोलेनाथ का मज़ाक उडाता है “।

रितिक –“अरे भिया इसे छोडो ने ये बताओ कहा थे इत्ते दिन , ने वो मैच है यार कल ने कोई टिकीट की जुगाड नी हुई भिया “। पप्पू भिया-“ अरे रितिक , इसीज़ काम से तो गिया था मैं “। उमेश –“भिया इतना टेम तो शादी के कारड प्रिंट करवाने मे नी लगता उससे ज्यादा तुम्हे मैच के टिकीट प्रिंट करवाने मे लग गिया, क्या हाथ से पैंट कर रिये थे क्या “। पप्पू भिया को फिर गुस्सा आ गिया और दे लप्पड –दे लप्पड उमेश को । पप्पू भिया – “ अबे नी बे बारिश एक तो अपने इधर होई नी तो पेले मे रिशीकेश के जंगल मे गया ने वहा अभी सिहस्थ मे दो चार बाबाओ से अपनी जो भेट हुई उनसे मिला ने बारिश का उपाय पूछा । फिर जो उपाय बताया तो किया अपन ने उपाय दो दिन बाद मैंने पेपर मे पढा के इंदौर मे जोरदार बारिश हुई । पर अपन क्या थोडा ज्यादा मे विसवास रखते है तो अपन ने उपाय मे सामग्री ज्यादा डाल दी जैसे अपन जीरावन ने सेव डालते है नी वैसे , इसिलिये तो बारिश अब तक हो री थी । “


रितिक- “ वा भिया तुम तो बहुत पोचे हुये निकले पर फिर  बारिश तो रुक गी थी और फिर भी तुम काफी दिन मे आये , वही रुक गे थे क्या भिया “। पप्पू भिया –“ नी बे , वो वापसी मे आ रिया था वो  रवी का फोन आया ने किया के यार मैच है तुम्हारे यहा ने पानी गिर रिया है और बोले के अपन सोच रे है पेले तीन जीत के सिरीज़ जीत ले तो फिर नये छोरो को चानस देंगे । अब अपना दिमाग फिरा अपन ने फिर उस बाबा को जैसे तैसे ढूंढा ने बारिश को भारत मे दुसरी जगह करवाने का उपाय किया और फिर रुका पानी “। उमेश- “भिया मान गये , तुम्हारे पैर कहा है , छूना है “। पप्पू भिया- “रेनदे , सैंडविच पर घी मत लगा “। रितिक- “ भिया वो सब ठीक है पर ये रवि कौन है और कौनसे मैच की के रिया था , कही वो अपना मरीमाता वाला तो नी “। पप्पू भिया – “नी रे ऐबले , मैं रवि शास्त्री की के रिया हू , भारत की क्रिकेट टीम का कोच “। उमेश – “तो भिया तुम फिर तो रेडिसन गये होंगे कल “। पप्पू भिया – “ हओ रे , ऐयरपोर्ट से रेडिसन के बोत चक्कर लगे ने उसके पेले अपन राजबाडे मे बरसाती वाले के यहा गिये ने उसको आर्डर दिया ने बास वाले से बास और चार छोरे लेके ,स्टेडियम के उपर बांध दी बरसाती ने उसकी रस्सी अपांयर को दे देंगे, जैसे आजादी वाले दिन झंडा फेराते है नी बस वैसे ही पानी आते ही अपांयर रस्सी खेंच देंगे ने बरसाती से पूरा स्टेडियम ढंक जायेंगा ।“  रितिक –“ गजब भिया, तुम या क्या कर रे हो तुमे तो मतलब साईटिस होना था “। पप्पू भिया- “अबे अब समाज सेवा कौन करेगा अगर मै साईटिस बन जाऊ तो “। उमेश –“ भिया पिलेयर से मुलाकात हुई के नी किसी से “। पप्पू भिया-  “अबे क्या के अब, सबके अपने स्टाईल का खाना  धोनी भिया के लिये सुबह चार बजे उठ के ने वो पाटीदार से 6 लीटर दूध लाया,कोहली भिया को ना जाने कौनसी मछ्ली चिये थी ने पिछली बार उनने इस चक्कर मे पोहे नी खाये तो फिर मछली बज़ार जाके ने मछली लाये ने वो मछली भी उज्जैन के एक तालाब मे मिली बताओ अब । ने फिर कुछ पिलेयर तो अपने सज्जन है जैसे रहाणे उसको खजराना जाना था उसको अपन ने वहा पोचा दिया ने बढिया पूजा करवा दी । अब एक वो पांड्या , अजब स्टाईल कर रखी है उसने मैंने रवि भिया से की थी के यार इसको सही करवा दो कही पुलिस परदेशीपुरा का समझ के धर नी ले पर नी माना,निकल गिया अकेले बजार मे ,अब अपने यहा की पुलिस बोत स्ट्रिक्ट है ।तो धर लिया फिर वा जाके उसे छुडाया । “ उमेश –“ भिया  भिया भिया” । पप्पू भिया-“ हा यार उमेश अब क्या करे करना पडता है अच्छा कल मैच के बाद रात को दो बजे सराफा आ जाना उधर अपन ने  एक पार्टी रखी है दोनो टीम के पिलेयर आयेंगे ने जम के करेंगे नाश्ता , वो आस्ट्रेलिया वाले तो मान गे फिर विराट भिया को भी समझाया के फिटनेस ठीक है पर कभी- कभी चलता है ने फिर अपने इंदौर का स्वाद भी गजब है और आखिर मे अपन ने रामबाण फेका और अनुष्का भाभी से केलवा दिया फिर तो मानना ही था , क्यो है ना रितिक और उमेश “।

रितिक और उमेश पप्पू भिया को दंडवत प्रणाम कर रे थे ।

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“ क्या भिया ? बोत दिन से दिख नी रिये हो । पेले रविवार भी तुम्हारा इंतेजार किया हमने नी-नी करके 2 घंटे तक राजू को पोहे नी बनान दिये के यार रुक जा अभी आ रिये होयेंगे पप्पू भिया पर तुम आये नी यार, ऐसा थोडा नी चलता है ” – रितिक ने दूर से आते हुये पप्पू भिया से कहा  । “ अरे यार बारीक क्या बताऊ यार वो एक तो पेले शनिवार को वो मैच के चक्कर मे रे गे और सुबह नींद नी खुली , वो मैच के बाद जो नाचे नी यार के क्या बताऊ , अपन सरवटे पर चिल्ला रिये थे ने आवाज़ एम.वाय तक आ री थी  । “

“ वो रविवार तो उसमे निकल गिया ने फिर यार ये अपने किसान भाईयो ने आंदोलन कर दिया “। रितिक-“ हा यार भिया ये तो गजब ही हुआ ने अब मान भी नी रिये है ये लोग “। पप्पू – “ नी यार रितिक अपने किसान भाई की सब बाते तो मान ली है अपने मामा ने “। रितिक- “तुम्हारे मामा, बताया नी भिया तुम्हारे मामा राजनीति मे है और तो ओर भिया अभी सरकार मे भी है “। पप्पू- “ अबे गेलिये मे अपने मुख्यमंत्री की बात कर रिया हू “।रितिक-  “अच्छा ,शिवराज मामा की के रिये हो “ । पप्पू- “ हा यार पर मेरे को लगता है के अपन सब भी तो किसान है , आज किसान भियाओ ने आंदोलन किया ने फिर उनका कर्ज़ माफ हुआ और फिर सब ठीक हो ही जायेगा “। रितिक-  “  भिया बात तो सही है , पर एक बात बताऊ ये तुम किसान कब से बन गिये , कही वो फेसबूक पर फार्मविले को तुम असली खेती तो नी समझ रिये हो “। पप्पू – “ अबे नी रे , मैं के रिया हू के इस देश मे बाकी लोग भी काम कर रहे है और सबके पास इतना पैसा भी नही है फिर वो तो कभी ऐसा आंदोलन नी करते , मैं किसान भियाओ की तकलीफ समझ रिया हू ,पर अगर ऐसे ही सब करने लगे तो देश कैसे चलेगा “। “ फिर क्या है के इस आंदोलन मे किसान भियाओ ने कम लफंदरो ने ज्यादा उत्पात मचाया है , दुध सडक पर फेक देना , सब्जिया फेकना ये कैसा आंदोलन है “। रितिक- “ भिया बात तो तुमने गेरी के दी  है  और बात सही भी है भारत मे जब जिसको विरोध करना होता है बस लग जाते है दुकान बंद कराने, इस चक्कर मे साल मैं  30 दिन तो ऐसे ही पोहे नी खाने को मिलते है “। “चलो भिया अपन चलते है पोहे खाते है , बाकी अपने मामा देख लेंगे “। पप्पू-“हा यार चल चले नी तो दुकान मे पोहे खत्म हो जायेंगे “।

पप्पू और रितिक जाते है पोहे खाने, वहा टीम इंडिया की फाइनल मे हार और विराट , अनिल कुबंले के बीच विवाद की बाते हो रही थी ।
Virat Kohli and Anil Kumble
दोनो को आते देख कालू ने कहा – “ भिया आओ और बताओ क्या लोगे “। पप्पू- “  अबे पोहे और जलेबी ही मिल रिये है तो वो हीच लेंगे “। कालू- “ यार भिया बहुत टेंशन है यार, वो इंडिया फाइनल हार गी ने उपर से जम्बो ने कोच की पोजिशन से रिजाईन कर दिया “। रितिक –“  अबे किया नही करवाया है रिजाईन “। कालू- “क्या बात कर रिया है , किसने की उसे रिजाईन करने की “। रितिक- “अबे वो हीच दिल्ली का लोंडा है नी कोहली उसने की “। कालू- “ क्या बात कर रिया है यार , मतलब इतना बडा हो गिया वो , पप्पू भिया ने हमे कितना कुछ सिखाया अपन सब को रोज़ के 2-4 रेपट भी लगा देते है पर अपन कहा बुरा मानते है “। पप्पू- “ देखो यार अब अपना तो काम है तुम सबको आगे बढाना अब इसमे डाटना तो पडता है नी , अब कोहली को क्या है उसकी कोई गलती नी है मेरे को लगे ये सब उस छोरी के चक्कर मे हो रिया है “। कालू- “  पप्पू भिया ये गलत है , उस छोरी की क्या गलती “ पप्पू-“ अबे जम्बो भिया खूब मेहनत कराते थे और फिर कोहली के कने उस छोरी के लिये टाईम नी रेता होगा , बस इसी चक्कर मे हुआ है ये सब “। कालू- “नी भिया उस छोरी को तो क्रिकेट का कुछ पता नी है उसने नी किया होगा ऐसा “। रितिक –“ तेरे पास  सबूत है “। कालू-  “अरे मेरी घरवाली के री थी  वो देखती है सब न्यूज़ चैनल “। रितिक- “ देखा पप्पू भिया, लुगाई के चक्कर मे आज आपको गलत के रिया है , बस इसी कारन कोहली ने जम्बो के बीच लडाई हुई थी “। कालू-“कुछ भी मत बोले रितिक , मेरी घरवाली गलत नी केती, पप्पू भिया कहा न्यूज़ देखते है इन्हे पता नी होगा “। रितिक-“ भिया आपको गलत के रिया है, मतलब आपको  गलत के रिया है यार, पप्पू भिया जिनने हमे पोहे मे सही साट जीरावन डालना सिखाया और फिर भुल गिया जब वो तू उस लड्की को लाईन मार रिया था , ने फिर तुझे उसके भाई धो रिये थे तो पप्पू भिया ने ही बचाया था तुझे “।

कालू- “ अरे ऐसा नी है और जीरावन तो कोई भी डाल ले सही से “।

पप्पू ने गुस्से मे कालू को देखा ने दे रेपट, दे रेपट ,दे रेपट और कहा – “ जाओ मैं भी अब कोच पोजिशन से रिजाईन देता हू “।  

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तिरभिन्नाट पोहा-पप्पू भिया का लैपटाप

तिरभिन्नाट पोहा-पप्पू भिया का लैपटाप

“ हैलो……. कौन “ अबे बारीक मैं बोल रिया हू । “ अरे वाह यार भिया गजब कर रीये हो , इधर से भी तो मैं ही बोल रिया हू ” । “ अबे ओ पंचर , मैं पप्पू बोल रिया हू रितिक “। “ अरे यार वो क्या है नी कल वो एक फिलम देखी तो उसी का डायलाग चिपका दिया, क्या आपकी आवाज़ नी पेचानेंगे क्या यार “। “  चल अब बत्ती मत दे, एक दम फटाफट से मेरे कने आजा “। “  क्यू यार भिया क्या हो गिया “। “ अरे तू आये नी यार और मैंने वो छोटू, उमेश ने टीनू को भी बोल दिया है वो भी आ रीये है “। “  हओ भिया बस अभी आया,  नी-नी करके पांच मिनिट मे पोच जाउंगा “।

टीनू,उमेश,छोटू और रितिक चारो पप्पू भिया के यहा पहुच गये । उन्होने देखा के पप्पू भिया अपने लैपटाप को घूरे जा रे थे । रितिक –“ पप्पू भिया क्या देख रे हो इस लैपटाप मे क्या कोई नयी फोटू आयी क्या ऐश की “। उमेश –“ ऐसा क्या भिया , दिखाना जरा “। उमेश ने लैपटाप देखा  और बाकी सब से कहा –“ पप्पू भिया हम पर शक कर रिये यार “। टीनू – “ कई वीयो तू असो काय वास्ते कई रीयो है “। उमेश – “ पप्पू भिया ने लैपटाप पर ताला लगा रखा है, ताकी हम ऐश भाभी को देख नी सके “। रितिक- “ पर यार तुम मानो नी मानो , भिया का लव जोरदार है , ऐश भाभी एक बच्चे की मॉ बन गी , पर भिया आज भी उसे अभिषेक से ज्यादा चाते है “।
Ransome Virus Attack

 पप्पू- “ अबे ओ गेलियो चुप करो , कोई फोटू नी आया है और ये ताला मैने नी लगाया है “। उमेश-“ फिर भिया ये क्या हो गया “। पप्पू – “ पता नी यार , सुबह जैसे ही अपन ने लैपटाप खोला तो ये ताला मिला ,मैंने पूरे घर मे ढूढ लिया पर साला चाबी नी मिली यार , मेरे को लग के अपन दिनभर इसको रांदते है इसिलिये अम्मा ने लगा दिया होगा ताला “ । टीनू- “ भिया अम्मा से पूच लो “। पप्पू – “ अरे पुछा था “। रितिक- “ तो क्या हुआ फिर “। पप्पू भिया ने एक रख के दिया रितिक को और कहा –“ ये हुआ “। रितिक- “देखो भिया ये जो लिखा है – Ransomeware, इसमे भिया Ran का मिनिंग तो दौडना होता है , some का मिनिंग तो कुछ होता है , अब ये अगला समझ नी आ रिया है “ । उमेश- “भिया एक मिनिट रुको मैं जरा गुगुल चलाता हू, ये को मिनिंग देखता हू “। टीनू- “ अबे वणे गुगल केते  है रे गेलिया “। उमेश ने सर्च लिया- “ भिया देखो ये जो ware लिखा है , इसका मिनिंग है – सामान “ । टीनू- “ तो इसका मतलब ये हुआ भिया के दौडतेकुछसामान “। उमेश- “ भिया मेरे को लगे वो दुसरे धरती के जीव है नी वो फिलम मे थे जो – जादू, वो तुमसे कुछ केना चा रिये है “।

 पप्पू भिया ने उमेश से मोबाइल लिया ने खुद सर्च किया वो भी पूरा लेटर एक साथ – “  अरे वो तुम लोग बस दिन मे दो बार पोहे खाओगे तो ये ही होगा, गेलियो ये तो कीडा लग गया वो अंग्रेजी मे जिसको वाईरस केते है नी वो और ये फिरोती वाईरस है “ रितिक- “ भिया इसको नी अपने राकेश भिया की दुकान पर ले चलो वो करते ये सब काम “।

राकेश भिया की दुकान पर ,पप्पू – “ भिया यार देखना ये कोई वाईरस ने ताला मार दिया है यार लैपटाप पर ने फिर चाबी भी नी दे रिया है “। उमेश- “ हा भिया दिमाग खराब हो रिया है यार “। राकेश ने देखते ही कहा –“ भिया एक मिनिट “, फिर उसने तबांकू थूका और कहा –“  भिया ये वायरस आया है नी इसने तुम्हारी सारी फाईल लाक कर दी है और अब तुम्हे अगर चाहीये तो 300 बिट्काईन मांग रिया है “ रितिक जोर से हसा और कहा –“ क्या गेलिया वाईरस है , इतनी मगज़मारी तीनसो सिक्के के लिये “ उमेश- “  भिया ऐसा लगे इसके घर मे शादी है और खुल्ले पैसे देने मे बैंक वाले ऐबलेपनती कर रिये होंगे तो इसने तुमसे मांग लिये “। राकेश- “  अरे वो लफ्नदरो , पगला गये हो क्या ,पप्पू भिया तुम भी कहा इनके साथ घुमते हो “। पप्पू ने घूर के सबको देखा ।

राकेश- “ भिया यार ये जो है नी बहुत बडा वाइरस है और 1 बिटकाईन मतलब अपने यहा के – 133621 रुपेये है और अब अगर तम्हे अपना डेटा चिये तो 300 बिटकाईन देने पडेंगे “  पप्पू भिया को पसीने आने लगे । रितिक – “ भिया, अभी हा के दो फिर ये पैसे लेने आयेंगा तो इसे घेर लेंगे और चाबी ले लेंगे “। राकेश- “ अबे ऐ फर्जी ये पैसा आनलाईन देना पडेंगा और पप्पू भिया तुम बताओ कल रात को क्या चला रिये थे इसमे “। पप्पू – “ अरे राकेश भिया वो तुम्हारी ऐश भाभी का मेल आया था ने उसमे लिखा था “ आई लव यू “ और साथ मे एक लेटर  भी था, अब अपन ने वो डाउनलोड किया ने फिर अचानक से अम्मा आ गई तो बस फटाफ़ट से लैपटाप बंद कर दिया ने सुबह देखा तो ये लफडा हुआ “। राकेश जोर से हसा और कहा भिया तुम्हारा डेटा मैं ला दूंगा इसे बाहर भेजना होयेगा और 5 हजार खर्चा आयेगा “। पप्पू – “ कम मे नी होगा, देख लो “। राकेश –“  200 रुपये मे भी कर दुंगा फिर डाटा नी मिलेगा “। पप्पू ने भरे मन से कहा – “  चलो कर दो यार भिया , अब ऐश की फोटू मेरे दिल मे भी है उसीसे काम चला लूंगा “। रितिक –“  अरे उदास मत हो  भिया चलो मैं ला दुंगा ना तुमको भाभी की फोटू “ । पप्पू- “ अबे तेरे पास क्यो है ऐश की फोटू , भाभी पे लाईन मारता है “ रितिक- “अरे यार भिया क्या बात करा दी ,वो सारी फोटू तुम्हारे साथ है जो हमने बनवाई थी, चलो अब पोहे जलेबी खिलाओ” । सब लोग चले गये फिर पोहे खाने राजबाडे पर ।

तो भिया ये थे हमारे पप्पू भिया, कमेंट करना और बताना कैसा लगा इस बार का “तिरभिन्नाट पोहा” और हा फेसबूक ने और जगह लाईक और कमेंट देते रेना , चलो मिलते है फिर भिया ।

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