WOW-Mind Your Language-क्योंकी हिंदी मॉ ने सिखायी है

भाषा इस दुनिया के निर्माण  का एक अहम हिस्सा है । जैसे हवा और पानी जीने के लिये जरुरी है । ठीक उसी तरह भाषा के बगैर इस दुनिया की कल्पना भी नही की जा सकती है । इस दुनिया मे कई तरह की भाषाये है और हर उस भाषा का उपयोग का जो लोग करते है ,उनके लिये वो भाषा उनकी मॉ,पिता और गुरु से कम दर्जा नही रखती है ।

जैसा अब तक के मेरे लेखन से लग गया होगा । मैं जिस भाषा की बात कर रहा हू । वो है “ हिंदी “। हिंदी मेरे लिये भाषा ही नही मेरी मॉ जैसी है । इसके अनेक कारण है और उन्ही कारणो का जिक्र आज मैं करुंगा ।

हिंदी मुझे मेरी मॉ ने सिखायी है । जब छोटा था तो मैंने “ मॉ “  कहना सिखा जो हिंदी का शब्द है । हिंदी मैं मैंने अपने जीवन की पहली डाट भी खायी और चाहे पेपर अंग्रेजी हो या गणित का हर पेपर के पहले मैंने भगवान का नाम भी हिंदी मे लिया था । हिंदी मे जब-जब मैंने कुछ किसी से सुना या किसी को सुनाया मुझे समझ भी आया और मेरी बात को समझा भी गया । हिंदी मे ही मैंने अपना पहला गाना सुना और हिंदी के गाने को ही मैंने अपने क्रश को देखकर गुनगुनाया । “ रिश्ते मैं तो हम तुम्हारे बाप लगते है “ , ये लाईन जब दोस्तो के सामने कही तो वो भी हिंदी मे ही थी ।

मेरे जीवन मे हिंदी का मह्त्व काफी रहा है , खुशी और गम दोनो मे ही हिंदी ही थी जिसने मेरा हमेशा साथ दिया है । हिंदी के अलावा मैं अपनी बात अंग्रेजी मे ही कहता हू और अंग्रेजी का अखबार पढता भी हू । परंतु चाय की चुस्की के साथ जब हिंदी के अखबार को पढ्ता हू तो लगता है जन्न्त ओर कही नही यही है । हमारी फिल्मे और हमारे देश का संगीत कई भाषाओ मे है । परंतु सबसे ज्यादा देखी जाने वाली फिल्मे और सबसे ज्यादा सुना जाने वाला संगीत हिंदी भाषा मे ही है ।

जब मैंने लिखना शुरु किया तो हिंदी मे किया फिर बीच-बीच मे अंग्रेजी मे लिखा परंतु जब-जब मुझे कोई बात दिल से कहने का मन हुआ । वो बात हमेशा हिंदी मे ही लिखी , फिर चाहे वो पहली कविता हो या पहली शायरी या फिर उसके लिये लिखी वो चार लाईने क्यो ना हो जब-जब मदद की जरुरत पडी । मैने हिंदी को अपने पिछे खडा पाया । मुझे आज भी याद है के हिंदी के विषय मे मुझे कभी ज्यादा मेहनत नही करनी पडी क्योंकी हिंदी मे लिखा हुआ याद करना नही पडता था । बस पढते जाओ और लाईन दर लाईन हर शब्द दिमाग मे उतरता जाता है । हिंदी की सबसे अच्छी बात मुझे ये लगी के हिंदी ने हर भाषा को जगह दी हो फिर वो चाहे उर्दू हो या अंग्रेजी ।
हिंदी मुझे बहुत प्यारी है और सच कहू तो मैं हिंदी मे बोलने और लिखने मे गर्व महसूस करता हू ।  

This post is a part of Write Over the Weekend, an initiative for Indian Bloggers by BlogAdda.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *