Best Hindi Gazal | महफिल

महफिल

महफिल मे रोज़ उनकी बात होती है,
हर शाम उनके नाम होती है,
डर खुदा से लगता है लेकिन,
फिर भी इबादत उनकी होती है,

 

महफिल मे रोज़ उनकी बात होती है
हर शाम उनके नाम होती है

गुज़रे जमाने के लोगो को कौन याद रखता है,
बात तो उनकी होती है,
जो बगावत करते है,
ज़ाम तो दर्द-ए-दिल की दवा है,—- 2
हकीमो को कौन याद रखता है
दर्द जाने के बाद,

 Best Hindi Gazal

महफिल मे रोज़ उनकी बात होती है,
हर शाम उनके नाम होती है

मौसमो को तो बदलना है ,
रुख हवा का चाहे जो भी हो,
शख्सियत हमारी वही है,
चाहे ज़ाम ही हाथ मे क्यो ना हो,

नशा ज़ाम का कुछ ऐसा,
बादलो का बारिश से है जैसा,
कलम हमारी जब चलती है,
उनकी तारीफ ही निकलती है,

शौक तो नही है ये हमारा—2
आदत अब बन गई है….

महफिल मे रोज़ उनकी बात होती है,
हर शाम उनके नाम होती है,
डर खुदा से लगता है लेकिन,
फिर भी इबादत उनकी होती है,
महफिल मे रोज़ उनकी बात होती है.

 

Chirag Ki Kalam

Gazal | Sawaal ye nahi ke vo Kaha hai

 

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Hindi Shayari | शुक्र है शायरी है-1

शुक्रवार की इस हसीन शाम मे , मैं आपके लेकर आया हू , कुछ शायरीया जो आपके दिल को जरुर छू जायेगी ।  हर शुक्रवार

शुक्र है शायरी है

को इसी तरह से मैं आपको कुछ शायरीया सुनाता रहूंगा , उम्मीद है आप इस छोटे से शायर की शायरी को अपने दिल मे जरूर  उतारेंगे ।

आईये चलिये शुरु करते है ।

Hindi Shayari

” कदम-कदम पर गिरा हू मै,

पकड कर डोर हौसलो की चला हू मै,

इश्क भी किया मैंने तो छुप-छुप के ,

क्योंकि बेवफाई के शहर मे पला हू मै ।”

” कुछ दूर चलकर फिर रुक जाने की जिद है,
वक्त से आगे जाकर फिर उसे चिढाने की जिद है,
कश्तियो मे बैठे मुसाफिरो को किनारे पर जाने की जिद हैं,
हर तरफ बस कुछ ना कुछ पाने की जिद है,
जो कुछ देना पडे किसी गरीब को एक रुपया,
तो मुह छुपाने की जिद है.
अपनी जिंदगी मे सुकुन पाने की जिद है,
दुसरो की जिंदगी मे झाकने की जिद है,
मुस्कुराहट को गम से मिलने की जिद है
और मौत को हर जिद की हस्ती मिटाने की जिद है ।”

 

“चुप रहकर भी बहुत कुछ कहते थे,
तुम अहसासो के जरीये दिल मे रहते थे ।”

“मैं मुस्कुराता हू तो कहते है..गमो की समझ नही है..
और जब सैलाब था आंखो मे तो कहते थे…
तुम अकेले नही हो गम के सागर  मे | “

” हाथो मे चाय सुबह की,
और उसमे से उठता धुआ,
आंखो मे याद किसी की,
और होठो पर मुस्कानो का काफिला ” |

 

Hindi Poetry on Life

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Hindi Love Poem|आसान था अपना मेल प्रिये

      Hindi Love Poem on Marriage Anniversary

Hindi Poetry

 

आसान था अपना मेल प्रिये,
ये प्यार बड़ा अनमोल है प्रिये,

तू हरिद्वार का गंगा घाट है मैं हूं घाट की जंजीर प्रिये,
तू उज्जैन का पोहा है मैं हूं खट्टा मीठा जिरावान प्रिये,
तू ठण्ड के मौसम का जैकेट  है मैं हूं उस जैकेट का  टोपा प्रिये,
तू बाग़ में लगा गुलाब है और मैं गुलाब का काँटा प्रिये,
आसान था अपना मेल प्रिये,
ये प्यार बड़ा अनमोल है प्रिये,

Hindi Love Poem

तू क्रिकेट का बल्ला है मैं  हूँ लाल-सफ़ेद गेंद प्रिये,
तू इंद्रधनुष सा सतरंगी है मैं हूँ उसपर पड़ती धूप प्रिये,
तू चेहरे की मुस्कान है मैं हूं उस मुस्कान का कारण प्रिये,
तू बारिश बूंदे है और मैं हूं चातक प्रिये,

आसान था अपना मेल प्रिये,
ये प्यार बड़ा अनमोल है प्रिये,

तू राजमहल का सुन्दर दरवाजा है मैं हूं उस दरवाजे की कुण्डी प्रिये,
तू सबको जोड़ने वाला फेवीक्विक है मैं हूं उसका केप प्रिये,
तू चाँद सा सुन्दर है मैं उसपर लगा दाग प्रिये,
तू धड़कन मेरे दिल की है और मैं हूं उस धड़कन की धक् धक् प्रिये
आसान था अपना मेल प्रिये,
ये प्यार बड़ा  अनमोल है प्रिये | 

साथ ही इस कविता को मैंने अपनी Marriage Anniversary पर Zindagi Mix Veg के इवेंट मे भी सुनाया था । नीचे उसका विडियो देखिये ।

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Gazal | Sawaal ye nahi ke vo Kaha hai

 

Read a Gazal in Hindi written by me.

gazal

सवाल ये नहीं के वो कहा है,
जवाब उनके ही साथ गुम हो गया है।
सवाल ये नहीं के वो कहा है…..

इशारो में समझ सको तो समझ जाओ तुम,
मोहब्बत में अब एहसासों की जगह कहा है।
सवाल ये नहीं के वो कहा है…..

वो गुलाब आज भी हमसे पूछता है,
जिसकी खुश्बू मुझे बनाना था वो मेरा हकदार कहा है,
सवाल ये नहीं के वो कहा है…..

मजनू हमें पूरा शहर कहता था,
चौराहे पर हो जिसका चर्चा वो इश्क अब कहा है
सवाल ये नहीं के वो कहा है…..

मैखाने में अक्सर अब जाया करता हूं,
चढ़ा दे वो नशा फिर से वो शराब कहा है ।
सवाल ये नहीं के वो कहा है…..

मंदिर,मस्जिद और गुरुद्वारे गया,
दुआ-ए-खैर में दे दे मुझे वो,वो खुदा कहा है
सवाल ये नहीं के वो कहा है…..

 

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