इश्क होता हैं दोस्ती के बाद

इश्क होता हैं दोस्ती के बाद ,
नशा चढ़ता हैं  शाम के बाद


शोला यूँ तो धडकता नहीं दिल में ,
लगती हैं आग मन में
जब देखता हूँ तुझे किसी और के साथ ,

इश्क होता हैं दोस्ती के बाद…….


कहना चाहूँ तुझसे जब दिल की बात 

बता दूँ तुझे तू क्या हैं मेरे लिए मेरी जान ,

love-and-friendship


सच को छुपाना आसान तो नहीं ,
पर झूठ मुह से निकलता हैं ,
तुझे देखने के बाद 

इश्क होता हैं दोस्ती के बाद……. 

शोर जब सुनता हूँ  गली में ,
सोचता हूँ खुद को बंद कर लूँ घर में ,
पर सन्नाटा सुनाई देता हैं तेरे आने के बाद

 

इश्क होता हैं दोस्ती के बाद……. 

(चिराग )