Poems

बूंद

खुशी हो या हो गम के दिन, साथ हमेशा रहती है…. बूंद,   ढलती शाम कहु इसे या सुबह की लाली, साथ हमेशा रहती है … बूंद  हर पल को देखकर , अपने अस्तित्व को बताने …बाहर आ जाती है …बूंद  . खालीपन,उदासी, मुस्कुराहट या फिर खुशी , हर बार Read more…

By Chirag Joshi, ago