Poems

फिर तेरी याद आयी

भीनी भीनी सी मिट्टी की महक आयी ओस की बूंदों से पत्तो पर चमक आयी  पीछे मुड़कर जब देखा मैंने  तो याद तेरी फिर आयी  अँधेरे  को दूर कर सूरज की रोशनी आयी  सन्नाटे को चीरती चिडियों की चहचाहट आयी  राज कई बंद हैं सीने में मेरे  और उन्हें खोलने Read more…

By Chirag Joshi, ago