वो था दोस्त,

वो था दोस्त,

    बचपन मे जब पार्क मे जाता था, तो मेरे लिये जो झुला-झुलने का नबंर लगाता , मेरी पेंसिल की नोंक टूट जाने पर , अपनी पेंसिल को तोड्कर जो देता , वो था दोस्त, टिफिन मे जो मेरी पसंद का खाना लेकर आता, किसी से भी मेरी खातिर जो भिड जाता, टीचर अगर … Read More

इश्क होता हैं दोस्ती के बाद

इश्क होता हैं दोस्ती के बाद , नशा चढ़ता हैं  शाम के बाद शोला यूँ तो धडकता नहीं दिल में , लगती हैं आग मन में जब देखता हूँ तुझे किसी और के साथ , इश्क होता हैं दोस्ती के बाद……. कहना चाहूँ तुझसे जब दिल की बात  बता दूँ तुझे तू क्या हैं मेरे … Read More