वो था दोस्त,

वो था दोस्त,

    बचपन मे जब पार्क मे जाता था, तो मेरे लिये जो झुला-झुलने का नबंर लगाता , मेरी पेंसिल की नोंक टूट जाने पर , अपनी पेंसिल को तोड्कर जो देता , वो था दोस्त, टिफिन मे जो मेरी पसंद का खाना लेकर आता, किसी से भी मेरी खातिर जो भिड जाता, टीचर अगर … Read More