Poems

काश वापस आ जाये

काश वो दिन फिर आ जाये पेंसिल की नौक फिर टूट जाये  नौक करने के बाद के छिलके को पानी में डुबाये  काश वो दिन फिर आ जाये    काश वो रबर फिर घूम जाये  टिफिन काश वो फिर घर से  लंच टाइम में पापा देने आये  गेम्स पीरियड का Read more…

By Chirag Joshi, ago