खुशी हो या हो गम के दिन,
साथ हमेशा रहती है…. बूंद
,
 
ढलती शाम कहु इसे या सुबह की लाली
,
साथ हमेशा रहती है … बूंद 
हर पल को देखकर ,
अपने अस्तित्व को बताने …बाहर आ जाती है …बूंद 
.

water-drop

खालीपन,उदासी, मुस्कुराहट या फिर खुशी ,
हर बार साथ निभाती है ….बूंद . 
सोचो अगर ये बूंद ना होती तो क्या होता,
आँखों मे अहसास ना होता
,
बातो मे विश्वास ना होता
,
जैसे नदी की पहचान उसकी लहरे है
,
वैसे हमारी आत्मा है …बूंद 
C.J 

4 Comments

Amit Agarwal · 19/04/2016 at 12:44 am

Bahut khoob!

Jamshed Azmi · 20/07/2016 at 11:53 pm

वाह भाई.., वाह.. क्‍या बात है। बहुत ही सुंदर रचना। मुझे बेहद पसंद आई। अच्‍छा लिखते हैं आप।

Chirag Joshi · 20/07/2016 at 11:53 pm

shukriya ji..
late reply ke liye maafi mangana chahunga

Saru Singhal · 06/08/2016 at 10:38 pm

Wah, bahut sundar.

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