बागो की कच्ची कलियों की महक 
तेरी चूडियो की खनक 
वो धुप में बारिश का आना 
वो चाँद का बदलो में छुप जाना 
पौ  फटते तेरी यादो में खो जाना 
सपनों में भी तेरा आना 
हर साँस में हैं तेरा नाम 
तुझे चाहना यही हैं मेरा काम 
love-poem-for-lover
चाहत को मेरी ना समझाना भूल 
तुझे पाना चाहता हूँ 
तेरा होना चाहता हूँ 
तुझमे ही आज खोना चाहता हूँ 
चाहू तो ज़िन्दगी तेरे नाम कर दूँ 
पर तू ही तो मेरी ज़िन्दगी हैं 
तुझे कैसे बतलाऊ 
दिखलाऊ कैसे मेरे दिल में बसा प्यार 
 
आईने में ना देख तस्वीर अपनी 
मेरे दिल में देख तकदीर अपनी 
तुझे पाना हैं मुझे 
बस यही शख्सियत हैं मेरी

(चिराग )

Categories: Poems

5 Comments

Blasphemous Aesthete · 31/01/2011 at 12:51 am

Simple expression,Interesting read.

chirag · 31/01/2011 at 12:59 am

@aesthete
thanks buddy

संजय भास्कर · 31/01/2011 at 7:29 am

ब्लॉग को पढने और सराह कर उत्साहवर्धन के लिए शुक्रिया.

संजय भास्कर · 31/01/2011 at 7:29 am

Beautiful as always.
It is pleasure reading your poems.

chirag · 31/01/2011 at 7:39 am

@sanjay ji thanks again
and ha follow the blog
so that i can get motivation from your comments

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