फिर तेरी याद आयी

भीनी भीनी सी मिट्टी की महक आयी ओस की बूंदों से पत्तो पर चमक आयी  पीछे मुड़कर जब देखा मैंने  तो याद तेरी फिर आयी  अँधेरे  को दूर कर सूरज की रोशनी आयी  सन्नाटे को चीरती चिडियों की चहचाहट आयी  राज कई बंद हैं सीने में मेरे  और उन्हें खोलने हँसी तेरी फिर आयी  तेरी … Read More

चाहत

बागो की कच्ची कलियों की महक  तेरी चूडियो की खनक  वो धुप में बारिश का आना  वो चाँद का बदलो में छुप जाना  पौ  फटते तेरी यादो में खो जाना  सपनों में भी तेरा आना  हर साँस में हैं तेरा नाम  तुझे चाहना यही हैं मेरा काम  चाहत को मेरी ना समझाना भूल  तुझे पाना … Read More

लालूजी

एक दिन लालूजी बोले राबड़ी से, चलो कर आये हम लन्दन की सैर , क्यों न बनाये कुछ दिन लन्दन में अपना बसेर.   (उस पर राबड़ी जी बोली के) लन्दन-वंदन की सैर छोडिये, पहले गठबंधन को जोड़िये, आ रहे है चुनाव करीब अगर हार गए तो रहना पड़ेगा इसी बसेर।     (लालूजी बोलते है) … Read More