Poems

लालूजी

एक दिन लालूजी बोले राबड़ी से, चलो कर आये हम लन्दन की सैर , क्यों न बनाये कुछ दिन लन्दन में अपना बसेर.   (उस पर राबड़ी जी बोली के) लन्दन-वंदन की सैर छोडिये, पहले गठबंधन को जोड़िये, आ रहे है Read more…

By Chirag Joshi, ago