Poems

चाहत

बागो की कच्ची कलियों की महक  तेरी चूडियो की खनक  वो धुप में बारिश का आना  वो चाँद का बदलो में छुप जाना  पौ  फटते तेरी यादो में खो जाना  सपनों में भी तेरा आना  हर साँस में हैं तेरा Read more…

By Chirag Joshi, ago
Poems

लालूजी

एक दिन लालूजी बोले राबड़ी से, चलो कर आये हम लन्दन की सैर , क्यों न बनाये कुछ दिन लन्दन में अपना बसेर.   (उस पर राबड़ी जी बोली के) लन्दन-वंदन की सैर छोडिये, पहले गठबंधन को जोड़िये, आ रहे है Read more…

By Chirag Joshi, ago