Poems

दो पल

दो पल जो हमारे साथ हो जाते , जिंदगी की कहानी कुछ और ही होती , तुम्हारी हाँ हो जाती और, उससे इस चातक की प्यास बुझ जाती.  मुश्किल से काटी हैं अब तक जिंदगी  कांटो भरी राहो को बनाई Read more…

By Chirag Joshi, ago
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दोस्ती एक प्यारा रिश्ता …..

एक दिन मेरे खुदा ने मुझसे पूछा , क्या हैं ये दोस्ती ,क्यो बनाता हैं तू दोस्त ,ऐसा क्या हैं इस रिश्ते मैं ,जो नही हैं लहू के रिश्ते में । मैंने खुदा से कहा ,एक भरोसा हैं दोस्ती ,एक Read more…

By Chirag Joshi, ago
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सोचो ज़रा

ना गरीबी में हो रही हैं कमी , न हो रहा है विकास देश का , बढ़ रही है भ्रष्टाचार की गंगा , और गन्दी हो रही हैं असली गंगा । अब अभी हो रही हैं मांग दहेज़ की , Read more…

By Chirag Joshi, ago
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बदलता समय

पहले और अब के ज़माने मे ,आ गया हैं अन्तर बहुत , पहले थे दिन बड़े ,अब बड़ी होती हैं राते। पहले मिलते थे तो कहते थे कैसे हैं आप ,आजकल पूछते हैं कहाँ हो जनाब। सुबह ६ बजे होती Read more…

By Chirag Joshi, ago
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फिर तेरी याद आयी

भीनी भीनी सी मिट्टी की महक आयी ओस की बूंदों से पत्तो पर चमक आयी  पीछे मुड़कर जब देखा मैंने  तो याद तेरी फिर आयी  अँधेरे  को दूर कर सूरज की रोशनी आयी  सन्नाटे को चीरती चिडियों की चहचाहट आयी  Read more…

By Chirag Joshi, ago