इश्क होता हैं दोस्ती के बाद ,
नशा चढ़ता हैं  शाम के बाद

शोला यूँ तो धडकता नहीं दिल में ,
लगती हैं आग मन में
जब देखता हूँ तुझे किसी और के साथ ,
इश्क होता हैं दोस्ती के बाद…….

कहना चाहूँ तुझसे जब दिल की बात 
बता दूँ तुझे तू क्या हैं मेरे लिए मेरी जान ,
love-and-friendship

सच को छुपाना आसान तो नहीं ,
पर झूठ मुह से निकलता हैं ,
तुझे देखने के बाद 
इश्क होता हैं दोस्ती के बाद……. 
शोर जब सुनता हूँ  गली में ,
सोचता हूँ खुद को बंद कर लूँ घर में ,
पर सन्नाटा सुनाई देता हैं तेरे आने के बाद
 
इश्क होता हैं दोस्ती के बाद……. 
(चिराग )
Categories: Poems

12 Comments

Where thoughts are Word$ · 20/07/2011 at 10:36 am

काफी अच्छी तरह से अपने विचार पेश किये है!!!!!! 🙂
Nice one!!!!!
^_^

Blasphemous Aesthete · 21/07/2011 at 8:14 am

ishq kiya nahi jaata, bas ho jaaata hai. 🙂

Nice post.

Cheers,
Blasphemous Aesthete

artijha · 22/07/2011 at 9:42 am

wow bahut achha laga aapki ye rachana padhke…kamal ka likh dia hai aapne….ishq hota hai dosti ke bad…..bahut hi lajabab

Babli · 24/07/2011 at 2:21 am

वाह! क्या बात है! बहुत सुन्दर लिखा है आपने! इश्क़ होता है दोस्ती के बाद..ये बिल्कुल सही है! हर एक पंक्तियाँ दिल को छू गई! उम्दा प्रस्तुती!

निवेदिता · 24/07/2011 at 2:21 am

nice creation …..

Vivek Jain · 24/07/2011 at 2:21 am

बहुत सुंदर लिखा है आपने,
साभार,
विवेक जैन vivj2000.blogspot.com

आशा · 24/07/2011 at 2:21 am

अच्छी अभिव्यक्ति |बधाई |
आशा

Rakesh Kumar · 24/07/2011 at 2:21 am

दोस्ती भी तो इश्क का ही एक रूप है.
चिराग जी,सुन्दर प्रस्तुति है आपकी.
आभार.

मेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत है.

ZEAL · 25/07/2011 at 11:43 pm

शोला यूँ तो धडकता नहीं दिल में ,
लगती हैं आग मन में
जब देखता हूँ तुझे किसी और के साथ ,

इश्क होता हैं दोस्ती के बाद…….

I agree ! It goes like this only .

Beautifully defined !

.

संजय भास्कर · 25/07/2011 at 11:43 pm

वाह…. क्या बात है चिराग जी
दिल को छु गई आपकी ये …प्रस्तुति

Deepika · 27/07/2011 at 5:05 am

It was Wow! I liked it! 🙂

डॉ॰ मोनिका शर्मा · 28/07/2011 at 10:33 am

Bahut Sunder…. Dosti ka rishta sabase upar hai…

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