भारतीय क्रिकेट टीम ने हाल ही मे टेस्ट क्रिकेट मे नबंर -1 के पद को हासिल किया है । न्यूजीलैण्ड के सीरिज़ जीत से भी टीम का हौसला काफी ऊचा था । “ था “ इसलिये उपयोग किया गया क्योंकी जब भारतीय टीम इंग्लैड के खिलाफ पहला टेस्ट खेलने उतरी तो इस खेल के रचियता इंग्लैड ने उन्हे ये बताया के नबंर एक पर आना और वहा पर टीके रहना दोनो अलग बात है ।
काफी वक्त बाद कप्तान विराट कोहली सिक्के के उछाल मे मात खा गये और इंग्लैड ने राजकोट की पिच पर पहले बल्लेबाज़ी करने का निर्णय लिया । इंग्लैड के कप्तान कूक ये जानते थे के अगर भारत मे पहले बल्लेबाज़ी नही की तो मैच हारने का प्रतिशत काफी तेजी से बढ्ता है ।
कूक और युवा हमीद (जो अपना पहला टेस्ट मैच खेल रहे थे )  ने एक अच्छी शुरुवात दी और जब लगा के कूक अपना पुराना प्रदर्शन ( भारत के खिलाफ कूक का प्रदर्शन भारत और भारत के बाहर शानदार रहा है )  दोहरायेंगे,रविंद्र जाडेजा ने उन्हे एल.बी.ड्ब्ल्यू किया । इस सीरिज़ मे पहली बार भारत मे डी.आर.एस का उपयोग हो रहा था । इस डिसीज़न को लेकर कूक ने हमीद से बात की पर युवा हमीद का कम अनुभव यहा आडे आ गया , बाद मे देखने पर पता लगा गेंद लेग स्टम्प पर जा रहि थी । खैर इसके बाद उम्मीद थी के इंग्लैड जल्द ही दम तोड देगी और शाम तक विजय और गौतम गम्भीर बल्लेबाज़ी करते दिखेंगे । परंतु इंग्लैड के बल्लेबाज़ राजकोट की इस सपाट पिच पर रन बनाते चले गये . आर. अश्विन जो अधिकतर भारत को ऐसी स्थिती से उबार लेते है कुछ ना कर पाये क्योंकि पिच पर टर्न नही था । अश्विन के ज्यादातर विकेट भी तब आये है जब गेंद घुमे , जैसा मुरलीधरन के साथ होता था । मुरलीधरन और अश्विन जैसे गेंदबाजो को पिच से मदद मिलना जरुरी होता है ।
खैर इंग्लैड टीम की तरफ से तीन शतक लगे और उन्होने अपनी पहली पारी मे 537 रन बनाये । भारत को एक और झटका ये भी लगा के जब गेंद रिवर्स स्विंग हो रही थी तो मोहम्म्द शामी चोटिल हो गये । उन्होने गेंदबाजी तो की परंतु पुरी ताकत से वो गेंद नही कर पाये । गौतम गम्भीर जो वापसी करने की कोशिश कर रहे थे । एक नये स्टांस के साथ उतरे । इस स्टांस से वो दुसरे दिन तो अच्छा खेले लेकिन वो अगले दिन ब्राड की गेंद पर फिर से वैसे ही आऊट हुये क्या करे आदत बदलना  इतना आसान नही है । गौतम को अपना आऊट होना उस वक्त और बुरा लगा  होगा जब पुजारा और विजय ने शतक बना दिये । सपाट पिच पर गेंद मे थोडा सा उछाल था जिसका फायदा इंग्लैड के गेंद्बाजो ने उठाया । गेंद बहुत धीमे  घुम रही थी , भारत के पास मौका था के एक अच्छी बढ्त लेकर इंग्लैड पर दबाव डाले । ऐसा हुआ नही  भारत ने अपनी पहली पारी मे 488 रन बनाये । इंग्लैड ने  दुसरी पारी 260/3 पर घोषित की ,कप्तान कूक ने शानदार शतक जमाया और अपने रंग मे लौट आये ।
gautam gambhir new stance
आखरी दिन भारत के पास थे 49 ओवर और 310 रन बनाने की चुनौती .कप्तान कोहली ऐसी चुनौती पहले भी स्वीकार कर चुके थे । उस वक्त भारत हार गया था । इस बार शायद ऐसा उनके मन मे नही था । गौतम के पास ये शायद आखरी मौका था और वो इस मौके को भूना नही पाये और शून्य के स्कोर पर आऊट हो गये । जब 47 के स्कोर पर दुसरा विकेट गिरा लगा मैच ड्रा ही होगा । परंतु ऐसे मौके पर रायता फैलाना तो जरुरी था । तो वो फैलना शुरु हुआ 71 पे 4 और फिर 132 पे 6 आऊट हो गये लगा भाई घर मे हारने का सीज़न चल रहा है । अभी पर्थ मे साऊथ अफ्रीका ने आस्ट्रेलिया को हराया और अब हमारी बारी है । कप्तान कोहली टीक गये और साथ मे लिया सर जडेजा को जिनके  आऊट  होने की प्रोबेबिलिटी एक के आसपास थी । 
पर दोनो लौंडे टीक गये और करा लाये मैच ड्रा । सबने  कोहली की तारीफ की परंतु सवाल तो कई बाकी रह गये । सपाट पिच पर तीन स्पिनर खिलाना । जब शमी पूरी तरह फिट नही थे फिर भी उन्हे खिलाया गया और एक सवाल साहा से जिन्होने इस मैच मे कई कैच गिराये ।
उम्मीद है टीम अगले मैच मे अच्छा प्रदर्शन करेंगी बशर्ते है पिच पर इस बार गेंद ज्यादा ना घुमे वर्ना हम ही अपने जाल मे फस सकते थे ।
Categories: Cricket

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