हैं हुस्न का जलवा तेरा
तू हैं एक ख्याल मेरा
 
जब वो बारिश की बुँदे ,
तेरी लटो को भिगोती हुई 
तेरे लबो तक आती हैं 
मेरी धड़कन बढ़ा देती हैं 
desire for love
वो तेरे तीखे नैना ,
चाहते हैं मुझसे कुछ कहना 
लब बोलना नही चाहते हैं 
पर शब्द गिरने को हैं बेक़रार 
बस एक और लबो का सहारा मांगते हैं 
 
हर चाहत तेरी पूरी कर दूंगा ,
तेरी मोहब्बत को अपनी जिंदगी कर दूंगा ,
हमदम तू हैं साँसों में बसी 
तुझे दो जिस्म एक जान बना दूंगा 
 
तेरी जुल्फों सवार कर 
होठो से वो बारिश की बुँदे पी लूँगा  
(चिराग )
Categories: Poems

5 Comments

Where thoughts are Word$ · 19/09/2011 at 3:22 am

Niceeeeeee…!! 🙂 🙂

संजय भास्कर · 19/09/2011 at 11:01 am

….. बेह्तरीन पोस्ट
कुछ लाइने दिल के बडे करीब से गुज़र गई….

संजय भास्कर · 19/09/2011 at 11:01 am

वाह!!! क्या कहने
… अंतिम पंक्तियों ने मन मोह लिया…

निवेदिता · 24/09/2011 at 1:30 am

बेह्तरीन …….

Reicha Ahluwalia · 29/09/2011 at 11:02 pm

nice read !!
Is looking ahead for more such posts.. 🙂

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