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मौत के सौदागर

शाम ढल रही थी और ठंडी हवाए उसके चेहरे को सहला कर  उसके कान में अपना पता बता रही थी। हवाओ के आलिंगन से उसका शरीर बर्फ में बदलने को आतुर हो रहा था। उसका दिमाग बार-बार उसके कदमो को एक झोपड़ी  की ओर  जाने का इशारा कर रहा था। Read more…

By Chirag Joshi, ago
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बेवजह

मैं आज फिर डाकिये को बेवजह डाट रहा था,पुचकार रहा था.सच तो ये हैं के तुने आज भी मेरे खत का जवाब नही भेजा हैं.ना जाने तू किस बात से डर रही हैं. दुनिया से …इस दुनिया से तो बिलकुल ना डरना.ये तो पहले से ही गरीबी-अमीरी,जात-पात,सच-झूठ के दल दल Read more…

By Chirag Joshi, ago
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बदलता दौर

रविवार का दिन था. दोपहर का समय था. खाना खाने के बाद अखबार से गुफ्तुगू कर रहा था. बीच- बीच में नींद भी अपने आने का सन्देश  झपकियो से भेज रही थी. पर बालीवुड और शहर की चटपटी खबरे मुझे जगाने में सहयोग कर रही थी.  तभी मेरा 7 वी Read more…

By Chirag Joshi, ago
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वो अंजाना चेहरा -4

आखिरकार वो दिन आ ही गया जब अमित और कविता एक दुसरे से मिलाने वाले थे .कविता नीले रंग का सूट पहन कर जाने वाली थी ,और अमित सफ़ेद रंग की शर्ट और नीली जींस.   कविता सही समय पर शालीमार स्ट्रीट पहुच गयी ,जहाँ पर दोनों का मिलना तय Read more…

By Chirag Joshi, ago
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वो अंजाना चेहरा -3

कविता और अमित के बीच बातचीत जारी  रही पर ना तो कभी कविता ने ना अमित ने प्यार का इज़हार करा , कविता एक दिन कॉलेज गई और अचानक उसकी मुलाकात संजय से हुई    संजय ने  उसे हेलो कहा ,कविता ने कहा “संजय मुझे अपनी ट्रिप के फोटो चाहिए Read more…

By Chirag Joshi, ago
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वो अंजाना चेहरा -2

अब कविता का समय फेसबुक पर बिताने लगा ,कविता को गाने का काफी शोक था ,पर एस एम एस करने का बिलकुल नहीं शायद ये भी एक कारण था  के उसके एम.बी .ए  में दोस्त कम होने का , कविता  ने फेसबुक पर अपने सभी दोस्तों को जोड़ लिया था  Read more…

By Chirag Joshi, ago