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कुछ किताबे तुम जैसी है

कुछ किताबे तुम जैसी है । पुरी होने पर भी अधुरी सी है । उनके हर पन्ने पर एक निशान बनाया है मैंने और ये निशान तुम्हारे साथ बिताये लम्हो की यादे है । किताब मे कुल मिलाकर बस 365 पन्ने है । हर पन्ने को हर दिन एक –एक Read more…

By chiragjoshi, ago
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दोस्त से ज्यादा, पर गर्लफ्रेंड,बायफ्रेंड से कम

कहाँनीया कब और कहा बन जाये हम कह नही सकते, पर एक ऐसी जगह है जहा हर रोज़ , हर पल एक कहाँनी जन्म लेती है । ये जगह शायद इसिलिये ही बनी है और फिर जो भी यहा आता है , वो खुद कई कहाँनीयो के जाल अपने दिमाग Read more…

By chiragjoshi, ago
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आखरी गलती

  राजीव ने अपने पेन को ऊठाकर अंगूठे और उसके पास वाली उंगली से घुमाने लगा . इस तरह पेन को घुमाने की  कला हर कॉलेज़ जाने वाला स्टूडेंट को कक्षा 12वी से ही आ जाती है. इस कला मे जैसे ही कोई छात्र माहिर हो जाता है उसे लगने Read more…

By Chirag Joshi, ago
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सयानी

कल की  ही तो बात है , जब गुड़िया अपने घर में सबकी लाड़ली बहु बन कर अपने ससुराल में आई थी। अभी शादी को वक्त ही कितना हुआ है ,सिर्फ  २ महीने और देखो ये वही गुड़िया हैं जो घर के सारे काम सिख गई है। सही कह रही Read more…

By Chirag Joshi, ago
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Old Handkerchief

After the end of a long day, he just put his bag aside and went straight into his grandfather’s room. He saw that he is busy in reading the newspaper which he read 2-3 times in a day. Ravi called him straight from kitchen” daadu tea is ready come here Read more…

By Chirag Joshi, ago
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रिश्वत : Short Stories

Short Stories |Short Stories In Hindi | Short Stories For Kids | Short Stories With Moral     वो हर रोज की तरह फिर घर से निकल पडा,एक फाईल मे अपने मेहनत के पसीने से सिंच कर उगाये उन कागज़ के टुकडो को जिन पर उसे बहुत नाज़ था. जैसे Read more…

By Chirag Joshi, ago