Poems

हौसला

नाव से नदी तो हर कोई पार करता हैं, जो मैं लहरो से लड़ कर पार करू तो कोई बात हैं,  आसमान में उड़ने का ख्वाब तो सभी देखते हैं, जो मैं आसमान का अंत ढूंढ  लू  तो कोई बात हैं, ख्वाहिशे तो सभी करते हैं कुछ पाने की, जो Read more…

By Chirag Joshi, ago
Poems

कुछ कहता हैं दिल

मेरा दिल कुछ कहता हैं, हमेशा नए सवाल ये पूछता हैं क्यों मिलकर जुदा होते हैं हम , क्यों आते हैं आंसू खुशियों के बाद क्यों तडपाती हैं याद किस बिनाह पर हम करते हैं प्यार , जबकि नहीं होता इसमे कागज़ पर हस्ताक्षार किस तरह से बनी हैं ये Read more…

By Chirag Joshi, ago
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कौन रहता है इस शहर में …..

कौन रहता हैं इस शहर में , अनजाने लोग जहा मिलते है अब  कौन रहता है इस शहर में, रातो के साए जहा आते नहीं अब  बंद दरवाजे है , खिड़की पर ताले है , चोखट पर धुल नहीं है अब  कौन रहता है इस शहर में …..   ख्वाब Read more…

By Chirag Joshi, ago
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चल रही हैं दुनिया

धोखे पर ही चल रही हैं दुनिया, जो सच कहा मैंने तो मुझे गुनहगार कह रही हैं दुनिया   इंसान ही इंसान को जानवर कह रहा हैं, जानवरो का तो गोश्त खा रही हैं दुनिया ना अपने की फिक्र, ना पराये की खुशी, सिर्फ “ मैं ” मे सिमट गई Read more…

By Chirag Joshi, ago
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जरा सा रुक कर देखना कभी

जरा सा रुक कर देखना कभी कब्रिस्तान मे भी, शायद कोई अभी भी जिंदगी की जंग लडता हुआ मिल जाये जरा सा रुक कर देखना कभी उस टुटे मकान मे भी, शायद अभी भी कोई सपनो के महल की दिवारे चुनते मिल जाये जरा सा रुक कर देखना कभी  सुलझे Read more…

By Chirag Joshi, ago
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वो ….

मेरे हर सफ़र का साथी था वो ना जाने कब हवा चली और धुँआ हो गया वो   मेरी हर नजर का  दर्पण था वो ना जाने कब धुप गई और अँधेरा हो गया वो   मेरी चादर का एक किनारा था वो ना जाने कब रास्ते में काँटा आया Read more…

By Chirag Joshi, ago