तिरभिन्नाट पोहा-पप्पू भिया का रिजाईन

“ क्या भिया ? बोत दिन से दिख नी रिये हो । पेले रविवार भी तुम्हारा इंतेजार किया हमने नी-नी करके 2 घंटे तक राजू को पोहे नी बनान दिये के यार रुक जा अभी आ रिये होयेंगे पप्पू भिया पर तुम आये नी यार, ऐसा थोडा नी चलता है ” – रितिक ने दूर … Read More

तिरभिन्नाट पोहा-पप्पू भिया का लैपटाप

“ हैलो……. कौन “ अबे बारीक मैं बोल रिया हू । “ अरे वाह यार भिया गजब कर रीये हो , इधर से भी तो मैं ही बोल रिया हू ” । “ अबे ओ पंचर , मैं पप्पू बोल रिया हू रितिक “। “ अरे यार वो क्या है नी कल वो एक फिलम … Read More

तिरभिन्नाट पोहा-इसके बिना जिंदगी खत्म भिया

भियाओ…. कैसे हो सब लोग । क्या चल रिया है । तो मतलब ऐसे करोगे मतलब … मैं देहरादून क्या आ गिया । तुम सब अपने को भूल ही गिये । बहुत दिन से सोच रिया था मैं के तुम सबसे बात करू वो क्या है नी के इधर एक तो लैंगवेज़ की दिक्कत है … Read More